CAA ki wajah se khud BJP ke log hai pareshan : 500 se jada netao ne diya BJP se istefa

CAA के विरोध में BJP के 500 से ज्यादा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने छोड़ी पार्टी 

नागरिकता कानून (CAA) और एनआरसी (NRC) के मुद्दे पर बीजेपी (BJP) के रुख से पार्टी के अल्पसंख्यक नेता नाराज. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में भाजपा के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ (Minority Cell) के 150 से ज्यादा पदाधिकारियों और 500 से अधिक कार्यकर्ताओं ने पिछले कुछ दिनों में पार्टी से दे दिया है इस्तीफा.


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CAA & NRC  ke khilaf log Rasto pe 

 सीएए के मुद्दे पर खंडवा और खरगोन जिले में सबसे अधिक इस्तीफे दिए गए हैं. इस कारण पार्टी ने अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश प्रवक्ता जावेद बेग को बर्खास्त कर दिया है. बेग ने कहा कि पिछले दिनों पार्टी ने CAA और NRC पर बैठक की. इसमें न तो अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रशीद अंसारी आए और न ही राज्य प्रभारी सनव्वर पटेल. यहां तक कि जिलाध्यक्ष मो. एजाज भी बैठक में शामिल नहीं हुए. इसी बीच सनव्वर पटेल ने जावेद बेग को पार्टी की गाइडलाइन न मानने को लेकर बर्खास्त कर दिया. बेग ने कहा, 'हम भाजपा के अनुशासित कार्यकर्ता रहे हैं. तीन तलाक का मसला हो या बाबरी मस्जिद-राम मंदिर का मामला, हम लोगों ने हमेशा पार्टी के निर्देशों का पालन किया.' लेकिन बेग ने जब जामिया मिल्लिया इस्लामिया और JNU की घटना को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर किया तो उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया.
( CAA )के मुद्दे पर खंडवा और खरगोन जिले में सबसे अधिक इस्तीफे दिए गए हैं. इस कारण पार्टी ने अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश प्रवक्ता जावेद बेग को बर्खास्त कर दिया है. बेग ने कहा कि पिछले दिनों पार्टी ने CAA और NRC पर बैठक की. इसमें न तो अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रशीद अंसारी आए और न ही राज्य प्रभारी सनव्वर पटेल. यहां तक कि जिलाध्यक्ष मो. एजाज भी बैठक में शामिल नहीं हुए. इसी बीच सनव्वर पटेल ने जावेद बेग को पार्टी की गाइडलाइन न मानने को लेकर बर्खास्त कर दिया. बेग ने कहा, 'हम भाजपा के अनुशासित कार्यकर्ता रहे हैं. तीन तलाक का मसला हो या बाबरी मस्जिद-राम मंदिर का मामला, हम लोगों ने हमेशा पार्टी के निर्देशों का पालन किया.' लेकिन बेग ने जब जामिया मिल्लिया इस्लामिया और JNU की घटना को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर किया तो उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया.
भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के उपाध्यक्ष आदिल खान ने नागरिकता कानून को सीधे तौर पर गलत करार दिया है. उन्होंने कहा, 'इस कानून से शरणार्थियों को पहले ही नागरिकता दी जाती रही है, फिर इसमें जानबूझकर धर्म को क्यों जोड़ा जा रहा है.' खान ने सवाल उठाया, 'मॉब लिंचिंग जैसी घटनाएं हमारे देश में भी हुई हैं. ऐसे में जब पड़ोसी देशों के अल्पसंख्यकों पर जुल्म की बात उठती हैं, तो हम कैसे कह सकते हैं कि अपने देश में अल्पसंख्यक समुदाय के साथ ऐसा नहीं हो रहा है.' खान ने कहा कि CAA और NRC सिर्फ मुस्लिमों के खिलाफ ही नहीं है, बल्कि यह गरीब लोगों के खिलाफ लाया गया है. आदिल खान ने बताया कि इस मामले को लेकर अकेले भोपाल (Bhopal) में ही 50 से अधिक ऐसे पार्टी पदाधिकारियों ने भाजपा से इस्तीफा दिया है, जो पिछले 15-20 साल से पार्टी की सेवा कर रहे थे.
खरगोन से 500 ने छोड़ी पार्टी
प्रदेश के खरगोन जिले में इस मुद्दे को लेकर सबसे ज्यादा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भाजपा से इस्तीफा दिया है. यहां के नेता तस्लीम खान ने कहा, 'हम CAA और NRC को लेकर अपने समुदाय के लोगों के साथ नजरें नहीं मिला पा रहे हैं. हम भाजपा के साथ देशसेवा की भावना से जुड़े थे, लेकिन इस तरह का कानून लाए जाने के बाद हमारे पास कोई जवाब नहीं है.' तस्लीम खान ने बताया कि खरगोन जिले 173 पदाधिकारियों और 500 कार्यकर्ताओं ने बीती 9 जनवरी को अल्पसंख्यक मोर्चा से इस्तीफा दे दिया. खान ने आरोप लगाया कि हमारे समुदाय को लेकर बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं की आपत्तिजनक और कई बार निजी टिप्पणियों को हम लोगों ने नजरअंदाज किया, लेकिन CAA और NRC जैसे कानून हमारी सहनशीलता की सीमा से परे हैं. खान ने बताया कि हरदा और देवास जिले में भी पार्टी के कई नेता व कार्यकर्ता इस्तीफा देने वाले हैं.
CAA और NRC के मुद्दे पर बड़ी संख्या में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के नेताओं और कार्यकर्ताओं के इस्तीफे की खबरें सामने आने के बाद, पार्टी सकते में है. भोपाल स्थित पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष मो. एजाज ने इतनी बड़ी संख्या में इस्तीफे की बात को खारिज करते हुए कहा कि कुछ गिने-चुने पदाधिकारियों ने ही पार्टी छोड़ी है. निचले स्तर के कुछ कार्यकर्ता और फर्जी नाम के आधार पर जुड़े लोगों हमारी पार्टी को बदनाम करने के लिए इसे इस्तीफा बता रहे हैं. मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सनव्वर पटेल ने भी बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारियों के इस्तीफे की बात को खारिज किया. उन्होंने कहा कि CAA और NRC देश के किसी नागरिक के खिलाफ नहीं है. पार्टी से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं को आम लोगों तक यह बात पहुंचानी होगी.

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